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Barish Shayari in Hindi 140 | Barish Shayari in Hindi Romantic

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बारिश में आज भीग जाने दो बूंदों को आज बरस जाने दो न रोको यूं खुद को आज भीग जाने दो 

आज की इस बारिश मेंसाथ तुम नहीं हो तो आँख नम सी कितनी हैसांस तंग सी कितनी है रूह प्यासी कितनी हैये उदासी कितनी है आज की इस बारिस में
भीगी मौसम की भीगी सी रात भीगी सी याद भुली हुई बात भुला हुआ वक्त वो भीगी सी आँखें वो बीता हुआ साथ मुबारक हो आपको साल की पहली बरसात
ऐ बारिश ज़रा थम के बरस जब मेरा यार आ जाये तो जम के बरस पहले न बरस की वो आ न सकें फिर इतना बरस की वो जा न सकें
Barish Shayari in Hindi 140
कोई रंग नहीं होता बारिश के पानी में फिर भी फ़िज़ा को रंगीन बना देता है
खूब हौसला बढाया औसधियों ने धूल का मगर दो बूँद बारिश ने औकात बता दी
ख़ुद को इतना भी न बचाया कर बारिशें हों तो भीग जाया कर
बालकनी से बाहर आकर देखो ऐ हसीना मौसम तुम से मेरे दिल की बात कहने आया हैं
Barish Shayari in Hindi 140
अब कोन घटाओ को घुमड़ने से रोक पायेगा जुल्फ जो खुल गयी तेरी लगता हैं सावन आयेंगे
जरा ठहरो बारिश थम जाए तो फिर चले जाना किसी का तुझ को छू लेना मुझे अच्छा नहीं लगता
प्यासा हूँ मैं उसके प्यार का न जाने कब घनघोर बारिश ने वो मेरी प्यास बुझा दे
उसे बारिश का मौसम अच्छा लगता था मुझे उसके साथ बारिश मे भींगना
Barish Shayari in Hindi 140
भीग रहा हे जला दिल मेरा इस बारिशमें फिर भी राहत नही है प्यासा रह गया मैं फिर भी इसमे पिघली हुइ तेरी चाहत नही है

इन बारिशों से दोस्ती अच्छी नहीं कच्चा तेरा मकान है कुछ तो ख्याल कर 

तैरना तो आता था हमे मोहब्बत के समंदर मे लेकिन जब उसने हाथ ही नही पकड़ा तो डूब जाना अच्छा लगा
इन बारिशों से दोस्ती अच्छी नही कच्चा तेरा मकान है कुछ तो ख्याल कर
Barish Shayari in Hindi 140
तैरना तो आता था हमे मोहब्बत के समंदर मे लेकिन जब उसने हाथ ही नही पकड़ा तो डूब जाना अच्छा लगा
उनकी याद कुछ ऐसे सताने लगी बारिश बन कर दिल को भिगोने लगी वो दूर है हम से इतना फिर भी पास होने का एहसास दिलाने लगी
ये ही एक फर्क है तेरे और मेरे शहर की बारिश में तेरे यहाँ जाम लगता है मेरे यहाँ जाम लगते हैं

क्या तमाशा लगा रखा है तूने ए बारिश बरसना ही है तो जैम के बरस वैसे भी इतनी रिमझिम तो मेरी आँखों से रोज हुआ करती है 

Barish Shayari in Hindi 140
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